आनंद कुरेशी के कहानी संग्रह ‘औरतखोर’ का लोकार्पण

डूंगरपुर। बहुत सा श्रेष्ठ साहित्य भी विभिन्न कारणों से पाठकों तक पहुँच नहीं पाता. आनंद कुरेशी जैसे कथाकार को भी व्यापक हिन्दी पाठक वर्ग तक पहुंचाने के लिए हम सबको प्रयास करने होंगे. हिन्दी के प्रसिद्ध लेखक असग़र वजाहत ने डूंगरपुर के दिवंगत लेखक आनंद कुरेशी के ताजा प्रकाशित कहानी संग्रह ‘औरतखोर’ के लोकार्पण समारोह…

स्वयं प्रकाश का सफ़र: हिमांशु पंड्या

हिंदी के जाने-माने कथाकार  ‘स्वयं प्रकाश की चुनिंदा कहानियांं’ पुस्तक की भूमिका के रूप में पुस्तक के संपादक और युवा आलोचक हिमांशु पंड्या ने यह लेख लिखा था। इस वर्ष इस किताब का दूसरा संस्करण प्रकाशित हुआ है।  इस माह स्वयं प्रकाश अपना सत्तरवां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रस्तुत है- स्वयं प्रकाश की कहानियों…

तीन रंग वाली आज़ादी: हिमांशु पंड्या

पहली बात, मैं अब यह दावे से कह सकता हूँ कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा वहां लगाया ही नहीं गया था.यह जी टीवी था जिसने ‘भारतीय कोर्ट जिंदाबाद’ को बड़ी कुशलता से वॉइस ओवर के जरिये ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ में बदला और फिर जब उसमें एबीवीपी के लोग ही फंसने लगे तो मूल वीडियो प्रस्तुत कर…

इतनी मुलाक़ातों के बाद अजनबी: हिमांशु पंड्या

[भारत  और पाकिस्तान के संबंध हमेशा ही संवेदनशील रहे हैं और इन संबंधों में उतार-चढ़ाव दोनों देशों के अंदरूनी मसलों को भी प्रभावित करते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली हिंसक कार्यवाहियों ने हमेशा ही अंध-राष्ट्रवादियों और कट्टरपंथियों  को मौका दिया है, जबकि दूसरा तबका हमेशा शांति और संवाद का पक्षधर रहा है।…