शिक्षा की कसौटी: गणपत तेली

सय्यद मुबीन जेहरा ने ‘पढ़ाई में भटकाव के रास्ते’ (जनसत्ता, 12 अप्रैल) में शिक्षा पर बात करते हुए कुछ महत्त्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने ठीक ही बाजारीकरण और निजीकरण के हमले को शिक्षा-व्यवस्था के लिए खतरनाक माना है। निजीकरण और बाजारीकरण के बाद शिक्षा पाने के लिए आम छात्रों को काफी मुश्किलों का सामना करना…

इतिहास बोध और हिन्दी प्रदेश: गणपत तेली

: पुस्तक समीक्षा: देवीशंकर अवस्थी सम्मान (2014) से सम्मानित पुस्तक ‘भारतीय इतिहास बोध का संघर्ष और हिन्दी प्रदेश’ की (बनास जन, मार्च 2014 में प्रकाशित) समीक्षा हिन्दी क्षेत्र के बौद्धिक विकास में हिन्दी नवजागरण का प्रमुख स्थान है। हालांकि विभिन्न नये शोधों द्वारा इस नवजागरण के चरित्र पर सवाल उठाये गए हैं, लेकिन इस बात से इंकार…