The Legends of Railway in India: Ganpat Teli

Book Review: Halt Station India: The Dramatic Tale of the Nation’s First Rail Lines by Rajendra B. Aklekar, Rupa Books, Delhi, 2014. Sometimes when we travel in the trains, we usually think of how the railway made its ways in India? What was the story of the first rail line of the country? How the project…

सड़क पर दौड़ता भय: गणपत तेली

महिलाओं के निर्भय विचरण और सुरक्षित यातायात के लिए यह आवश्यक है कि इसे महिलाओं के लिए बेखौफ आज़ादी के प्रयास से अलग-थलग करके नहीं देखा जाय बल्कि उस अभियान का विस्तार सार्वजनिक यातायात तक किया जाय। इसके लिए आम यात्रियों के साथ-साथ, विशेष रूप से सार्वजनिक यातायात से जुड़े लोगों- बस स्टॉफ, ऑटो-टेक्सी चालक, यातायात पुलिस आदि को जेंडर के मुद्दें पर संवेदनशील बनाया जाना चाहिए और उन्हें हस्तक्षेप के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

मुश्किल होता सफर: गणपत तेली

जिस तरह सरकार ‘कम किराया ही रेल्वे की समस्या’ है और ‘सुविधाएँ चाहिए तो भुगतान करना होगा’ जैसे तर्कों को जन मानस में पैठाने में कामयाब हुई है, उसी तरह से इसके अगले चरण में यह बात स्वीकार कराने की कोशिश करेगी कि हमारा रेल्वे सिस्टम नकारा हो गया है, जो निजीकरण के बिना ठीक नहीं हो सकता। यह बहुत चिंताजनक स्थिति होगी। रेल ने इस देश की भौगोलिक और सामाजिक दूरियों को कम करने और विभिन्न समुदायों के बीच संपर्क तथा संवाद स्थापित करने की ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इसकी यह भूमिका आज भी प्रासंगिक है, इसलिए समाज के सभी वर्गों के लिए इसके दरवाज़े खुले रहने चाहिए।