अभिमन्यु अनत : इतिहास से संवाद करता लेखक- देवेंद्र चौबे

जिस दिन सूरज को माजदूरों की ओर से गवाही देनी थी  उस दिन सुबह नहीं हुई सुना गया कि मालिक के यहां की पार्टी में सूरज ने ज्यादा पी ली थी – अभिमन्यु अनत, मारिशस अभिमन्यु अनत! हिन्दी के विदेशी लेखकों में सार्वाधिक प्रतिष्ठित नाम| लोग उन्हें मारिशस का प्रेमचन्द भी कहते है| भारतीय लेखकों…

यह अच्छे-बुरे लोकतंत्र का समय है: प्रो. मैनेजर पाण्डेय

[हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक और विचारक प्रो. मैनेजर पाण्डेय पिछले वर्ष पचहत्तर वर्ष के हो गये। अपने जीवन की इस लंबी अवधि में वे भारत समेत पूरी दुनिया में हो रहे परिवर्तनों के साक्षी रहे हैं। खासकर, साहित्य और विचारधारा में हो रही तब्दीलियों को उन्होंने करीब से देखा और महसूस किया है। इन तमाम…

अमृतलाल नागरः ग्रामीण इतिहास का राष्ट्रवादी संदर्भ-  देवेंद्र चौबे

हिंदी के जिन लेखकों के लेखन में भारतीय इतिहास लेखन के कुछ सूत्र मिलते हैं उनमें अमृतलाल नागर (17.8.1916-22.2.1990) का स्थान महत्त्वपूर्ण है। उनकी छवि एक ऐसे कथाकार के रूप में उभरकर सामने आती है जिसने भारतीय समाज के इतिहास और शहरों की संस्कृति को जातीय (राष्ट्रीय) जीवन से जोड़कर लोक समाज के इतिहास को…

साहित्य लोगों को सहिष्णु बनाता है: उदय प्रकाश

साहित्य सिर्फ कहानी नहीं कहता है, वह  लोगों को सहिष्णु और संवेदनशील बनाता है। हो सकता है कि सहिष्णु बनाने की यह  प्रक्रिया बहुत ही छोटे स्तर पर हो, और हो सकता है कि यह सिर्फ वैयक्तिक स्तर पर हो। ये विचार चर्चित लेखक उदय प्रकाश ने व्यक्त किए। वे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के…