तीन रंग वाली आज़ादी: हिमांशु पंड्या

पहली बात, मैं अब यह दावे से कह सकता हूँ कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा वहां लगाया ही नहीं गया था.यह जी टीवी था जिसने ‘भारतीय कोर्ट जिंदाबाद’ को बड़ी कुशलता से वॉइस ओवर के जरिये ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ में बदला और फिर जब उसमें एबीवीपी के लोग ही फंसने लगे तो मूल वीडियो प्रस्तुत कर…

मीडिया: कितना हकीकत, कितना अफ़साना: गणपत तेली

पुस्तक समीक्षा- सीढ़ियां चढ़ता मीडिया, माधव हाड़ा, आधार प्रकाशन, पंचकूला, हरियाणा जनसंचार या मीडिया के व्यापक इतिहास का प्रारंभ छापाखाने के अविष्कार के साथ होता है। छापाखाने के अविष्कार ने जहाँ एक तरफ छपाई का काम आसान कर दिया था, वहीं कम समय, श्रम और लागत के कारण लोक भाषाओं में भी सूचनाओं का प्रसारण…