मुक्तिमार्ग की खोज में: प्रेमचन्‍द गांधी

जुगनू को दिन के वक्‍़त परखने की जिद करें बच्‍चे हमारे अहद के चालाक हो गए परवीन शाकिर का यह शेर हमारे दौर के बच्‍चों की जिद ही नहीं, उनकी ख्‍वाहिशों, मासूमियत भरे सवालों और जिज्ञासाओं को बहुत खूबसूरती से बयान करता है। अब इसे चाहे आप संचार माध्‍यमों का प्रभाव कहें या कि शिक्षा…