आशिक की तलाश में नौटंकी : लोकेंद्र प्रताप

किसी भी कला को सत्ता नहीं, जनता जीवित रखती है | जनता उसे जब तक दिलों में सजाए रखती है, सत्ता की मजबूरी रहती है कि उस कला को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देती रहे | जब जनता ही अपनी कला को भूलने लगे तो समझिए की मामला कुछ और है | कभी लाखों दिलों को…